सदर विधायक राजकुमार पाल के चाचा रामपाल की हत्या उसके भाई ने ही सुपारी देकर कराई थी। पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए शूटर, मृतक के भाई सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
नगर कोतवाली क्षेत्र के पूरे ईश्वर नाथ गांव के रहने वाले सदर विधायक राजकुमार पाल के चाचा रामपाल की 21 मार्च को शाम करीब साढ़े सात बजे गांव में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रामपाल के छोटे भाई ईश्वरदीन ने दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस ब्लाइंड मर्डर के राजफाश के लिए सीओ सिटी की अगुवाई में नगर कोतवाल, एसएसआइ, स्वाट व सर्विलांस टीम लगाई गई। घर के लोग किसी से कोई रंजिश नहीं बता रहे थे, इसलिए पुलिस के पास सर्विलांस ही एक मात्र सहारा था। पुलिस ने मृतक के भाई ईश्वरदीन की कॉल डिटेल को खंगाला तो पता चला कि घटना के चार दिन पहले उसने एक नया सिम खरीदा था, जिससे उसकी एक लेखपाल के प्राइवेट मुंशी नंदलाल यादव उर्फ बेदी यादव पुत्र योगेंद्र यादव निवासी पूरे अंती, अंतू व हरिश्चंद्र यादव से बात होती थी। घटना के तुरंत बाद नंद लाल ने ईश्वरदीन को फोन किया था। इसके पहले नंदलाल की शूटर अफसर पुत्र अनीस निवासी काशीराम कालोनी मुर्गी फार्म से बात हुई थी। यही नहीं, ईश्वरदीन गांव में लोगों से यह चर्चा कर रहा था कि पुलिस शूटर को पकड़ने के बाद उसे फंसा देगी। इन सभी क्लू से पुलिस ने अफसर को पकड़कर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया।

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